जिस्त में नाकाम,अपने आपको लिए फिरा
कुछ न मिला दाम ,अपने आपको लिए फिरा,
वो चुराए नौकरी जो नोट लिए घूमता हो
खास हुआ आम ,अपने आपको लिए फिरा,
देखते ही देखते कौन कहाँ बढ़ गया
मै हुआ बदनाम , अपने आपको लिए फिरा,
सर-खपाई किताबों से करके क्या मिला भला
कौड़ियों के दाम , अपने आपको लिए फिरा,
छुपाते है लोग दौलतों को चार- चार तालों में
मै तो सरे आम ,अपने आपको लिए फिरा,
कह रही थी वो मुझे मुझको लेके साथ चल
बढ़ रहे है दाम अपने आपको लिए फिरा,
कुछ न मिला दाम ,अपने आपको लिए फिरा,
वो चुराए नौकरी जो नोट लिए घूमता हो
खास हुआ आम ,अपने आपको लिए फिरा,
देखते ही देखते कौन कहाँ बढ़ गया
मै हुआ बदनाम , अपने आपको लिए फिरा,
सर-खपाई किताबों से करके क्या मिला भला
कौड़ियों के दाम , अपने आपको लिए फिरा,
छुपाते है लोग दौलतों को चार- चार तालों में
मै तो सरे आम ,अपने आपको लिए फिरा,
कह रही थी वो मुझे मुझको लेके साथ चल
बढ़ रहे है दाम अपने आपको लिए फिरा,
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