समय लगे तो मिल जाना मुझे
न लगे तो तब भी मिल जाना
कहकर यही चली गई वो
सूरत लेकर रोती हुई
और बूंद गिराकर आँखों से अपनी
सुबूत दे गई अपने सच्चा होने का
मैं खड़ा बस यही सोचता रहा कि हुआ क्या है ?
और होगा क्या ?
दिल की धडकन में कुछ इजाफा महसूस करने लगा था
उसके दूर जाने से कुछ कमी सी
और बढती सी जा रही थी ...
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