Labels

Monday, April 8, 2013

मिसाल बाकी है...

जवाब बाकी है अभी सवाल बाकी है।
बूजुर्ग की आखरी अभी चाल बाकी है।।

मत समझ के अब नहीं है काम का तेरे ।
बनने को  और भी मिसाल बाकी है।।

कांपते हाथों का जलवा देखना आगे ।
सर पर रखे जाने का कमाल बाकी है।।

उम्र के लिहाज से तजुर्बा है बहुत ।
लेकिन बचपने का भी जमाल बाकी है।।

दुवाओं की छाँव में धूप से बचा है तू ।
गुजरेगा तेरे साथ भी वो हाल बाकी है।।

ढलती उम्र है मगर ऐसा भी कुछ नहीं ।
जिस्म में आना अभी उबाल बाकी है।।

दुआ के असर से मेरा हर जख्म भर गया ।
बस बन्धा हुआ जख्म पर रुमाल बाकी है।।

"भारतीय" ये  सोच-सोचकर परीशान है ।
क्यूँ आखरी दिनों में भी ये बबाल बाकी है।।

No comments:

Post a Comment