अर्ज़ किया है कि ….
है मेरी इस जिन्दगी में अब नया कुछ नहीं।
है मेरी इस जिन्दगी में अब नया कुछ नहीं।
यादों के सिवा तूने भी मुझको दिया कुछ नहीं।।
नामुम्किन है गर सच्ची मोहब्त आज के इस दौर में।
फिर मेरे हर जर्रे में क्यूँ तेरे सिवा कुछ नहीं।।
This is all I think, I write.....
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